नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा को हरियाणा के शिकोहपुर भूमि सौदे से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए दूसरा समन जारी किया। समन के बाद वाड्रा अपने समर्थकों के साथ जांच एजेंसी के कार्यालय पहुंचे। आरोपों का खंडन करते हुए उन्होंने कहा कि जब भी मैं लोगों के लिए बात करता हूं, वे मुझे दबाने की कोशिश करते हैं। यह एक राजनीतिक प्रतिशोध है। वे जांच एजेंसियों की शक्ति का दुरुपयोग करते हैं। मुझे कोई डर नहीं है, क्योंकि मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने 2008 में गुड़गांव के शिकोहपुर गांव में 7.5 करोड़ रुपये में करीब तीन एकड़ जमीन खरीदी थी।
कुछ समय बाद हरियाणा के नगर नियोजन विभाग ने इस जमीन के 2.71 एकड़ पर व्यावसायिक कॉलोनी बनाने के लिए आशय पत्र जारी किया था। 2008 में स्काईलाइट और डीएलएफ ने तीन एकड़ जमीन 58 करोड़ रुपये में डीएलएफ को बेचने का समझौता किया था। जमीन का सेल डीड डीएलएफ के पक्ष में पंजीकृत किया गया था।
56 वर्षीय वाड्रा को इस मामले में पहली बार 8 अप्रैल को तलब किया गया था, लेकिन उन्होंने गवाही नहीं दी थी। सूत्रों के हवाले से बताया कि जब वह ईडी के सामने पेश होंगे तो एजेंसी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज करेगी।
वाड्रा से पहले संघीय जांच एजेंसी ने एक अलग धन शोधन मामले में पूछताछ की थी। कारोबारी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट को भूमि सौदे से जुड़े धन शोधन के मामले में मंगलवार को पूछताछ के लिए बुलाया। प्रियंका गांधी केरल के वायनाड से कांग्रेस की सांसद हैं।
जांच हरियाणा के शिकोहपुर में एक भूमि सौदे से जुड़ी है। सूत्रों ने बताया कि ईडी के सामने पेश होने पर एजेंसी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज करेगी। इससे पहले संघीय जांच एजेंसी ने धन शोधन के एक अलग मामले में वाद्रा से पूछताछ की थी।











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