श्रीनगरः पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के कुछ दिनों बाद जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के एक कमांडर समेत पांच आतंकवादियों के घर नष्ट कर दिए गए। अधिकारियों के अनुसार, शोपियां, कुलगाम और पुलवामा जिलों में कार्रवाई की गई। सुरक्षा बलों ने घातक हमले से जुड़े लश्कर के गुर्गों और संदिग्धों पर कार्रवाई तेज कर दी है।
चोटीपोरा गांव में लश्कर के कमांडर शाहिद अहमद कुट्टे का घर ध्वस्त कर दिया गया और मलबे में तब्दील कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि कुट्टे पिछले तीन-चार सालों से आतंकी गतिविधियों में सक्रिय है और उस पर राष्ट्र विरोधी अभियानों के समन्वय में प्रमुख भूमिका निभाने का आरोप है।
कश्मीर घाटी में अधिकारियों ने तीन संदिग्ध आतंकवादियों के घरों को ध्वस्त कर दिया है। इसे पहलगाम हमले में 26 लोगों के मारे जाने के बाद आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि शुक्रवार रात दक्षिण कश्मीर के पुलवामा, शोपियां और कुलगाम जिलों में कथित आतंकवादियों के घर जमींदोज कर दिए गए। इससे पहले, पहलगाम आतंकी हमले के मुख्य संदिग्ध समेत लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादियों के घर बृहस्पतिवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि नष्ट हो गए थे।
माना रहा है कि कि वहां रखे विस्फोटकों में विस्फोट हो गया था। अधिकारियों ने कहा कि शुक्रवार की रात पुलवामा जिले के मुरान इलाके में अहसान उल हक शेख के घर को तोड़ दिया गया।
उन्होंने कहा कि उसे 2018 में “पाकिस्तान में प्रशिक्षित” किया गया था और हाल ही में उसने घाटी में “घुसपैठ” की थी। अधिकारियों ने बताया कि शोपियां जिले के चोटीपोरा में इसी तरह की कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा के सक्रिय शीर्ष कमांडर शाहिद अहमद कुट्टे के घर को ध्वस्त कर दिया गया।
अधिकारियों ने दावा किया कि पिछले तीन-चार साल से सक्रिय कुट्टे कई राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल रहा है। उन्होंने बताया कि कुलगाम जिले के मतलहामा इलाके में जाकिर अहमद गनी के घर को भी रात में गिरा दिया गया।
वह 2023 से सक्रिय है और कई आतंकवाद संबंधी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के कारण निगरानी में है। इसके साथ ही कथित आतंकवादियों के पांच घरों को ध्वस्त कर दिया गया है।
शुक्रवार को, पहलगाम हत्याकांड को अंजाम देने में मदद करने के आरोपी आदिल हुसैन थोकर और हमले में शामिल माने जा रहे आसिफ शेख के बिजबेहरा और त्राल में स्थित घरों की सुरक्षाबल तलाशी ले रहे थे कि तभी विस्फोट से इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं।
तलाशी अभियान के दौरान परिसर में कथित तौर पर विस्फोटक मिले, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने विस्फोट से पहले घरों में रहने वालों और पड़ोसियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।











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