Pahalgam Attack Updates: एक्शन में मोदी सरकार, पाकिस्तान पर शिकंजा, देखें 10 मुख्य बातें

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद अपने पहले सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित किया और कहा कि इस घातक घटना के पीछे के लोगों और “साजिश का हिस्सा” लोगों को “उनकी कल्पना से परे सजा दी जाएगी”। आज बिहार की धरती से, मैं पूरी दुनिया से कहता हूं, भारत हर आतंकवादी और उनके समर्थकों की पहचान करेगा, उनका पता लगाएगा और उन्हें दंडित करेगा। हम उन्हें धरती के छोर तक खदेड़ेंगे। आतंकवाद से भारत की आत्मा कभी नहीं टूटेगी। आतंकवाद को सजा मिले। उन्होंने मधुबनी में सभा को संबोधित करते हुए कहा।

उन्होंने कहा कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। “मानवता में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति हमारे साथ है।” अपना भाषण शुरू करने से पहले, पीएम मोदी ने जनता के साथ मिलकर मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में मारे गए 26 लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक मिनट का मौन रखा।

पीएम मोदी ने बुधवार को बैसरन में हुए घातक हमले के मद्देनजर सुरक्षा पर कैबिनेट समिति की बैठक की अध्यक्षता की थी। बैठक के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कठोर कदमों की घोषणा की, जिसमें सिंधु नदी के जल बंटवारे को नियंत्रित करने वाली सिंधु जल संधि को निलंबित करना भी शामिल था। भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले के मद्देनजर बुधवार को पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए उसके साथ राजनयिक संबंधों में व्यापक कटौती, 1960 की सिंधु जल संधि स्थगित करने और अटारी चौकी को बंद किए जाने समेत कई फैसले किए।

पहलगाम में नृशंस हमले में 26 लोगों की मौत के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक हुई, जिसमें इस कायरतापूर्ण हमले के प्रति भारत के जवाबी कदमों को अंतिम रूप दिया गया तथा सुरक्षा बलों को ‘‘उच्च सतर्कता’’ बनाए रखने का निर्देश दिया गया।

सीसीएस की बैठक के बाद देर शाम विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने संवाददाताओं को फैसलों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि एक मई तक राजनयिक संबंधों में और कटौती के माध्यम से पाकिस्तानी और भारतीय उच्चायोगों में तैनात लोगों की कुल संख्या घटाकर 55 से 30 कर दी जाएगी।

मिस्री ने बताया कि पाकिस्तानी नागरिकों को दक्षेस वीजा छूट योजना (एसवीईएस) के तहत भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और एसवीईएस वीजा के तहत भारत में मौजूद किसी भी पाकिस्तानी नागरिक के पास भारत छोड़ने के लिए 48 घंटे का समय है। मिस्री ने कहा कि पहलगाम हमले के सीमापार संबंधों को सीसीएस को दी गई जानकारी में उजागर किया गया, जिसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ कदम उठाने का निर्णय लिया गया।

नयी जवाबी कार्रवाइयों ने दोनों पक्षों के बीच मौजूद कुछ कूटनीतिक तंत्रों को बंद कर दिया है, जिससे द्विपक्षीय संबंध एक और नए निम्न स्तर पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि सीसीएस ने संकल्प लिया कि हमले के अपराधियों को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा और उनके प्रायोजकों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

विदेश सचिव ने पांच जवाबी कदमों की घोषणा करते हुए कहा कि ‘‘पाकिस्तानी उच्चायोग में रक्षा, सैन्य, नौसेना और वायु सलाहकारों को अवांछित (पर्सोना नॉन ग्राटा) घोषित किया गया है’’ तथा उनसे एक सप्ताह के भीतर भारत छोड़ने के लिए कहा गया है।

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